राजधानी के नीलम पार्क में छह दिन से अनशन कर रहे मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (पीएससी) से चयनित 2700 असिस्टेंट प्रोफेसर्स में से 835 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी करने के आदेश उच्च शिक्षा विभाग ने जारी कर दिए हैं। ये खबर मिलते ही छह दिन से जारी अनशन और धरना-प्रदर्शन दोपहर करीब डेढ़ बजे खत्म कर दिया गया लेकिन देर शाम चयनित प्राध्यापक संघ ने सभी उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र नहीं मिलने तक प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया। हालांकि यह प्रदर्शन अब संभाग स्तर पर होगा। हालांकि शेष उम्मीदवारों के नियुक्ति पर 10 को कार्ट के निर्णय आने के बाद होगा
15 महीने से कर रहे हैं नियुक्ति का इंतजार
असिस्टेंट प्रोफसर्स 15 महीनों से नियुक्ति के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसमें 2719 उम्मीदवारों का सब्र का बांध टूट सा गया है। 24 नवंबर को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्मभूमि महू से पद यात्रा (संविधान रक्षा यात्रा) शुरू हुई और शनिवार को भोपाल पहुंची। शनिवार को यात्रा में शामिल लोगों को शहर में प्रवेश नहीं करने दिया गया था। रविवार को यात्रा शामिल लोग शहर में प्रवेश कर गए और नीलम पार्क में जमा हो गए। इसके बाद मुंडन कराया गया, महिला प्रोफेसर्स अपने बच्चों को लेकर आ गईं।
सरकारी कॉलेजों में खाली हैं असिस्टेंट प्रोफेसर्स के 4227 पद
उच्च शिक्षा विभाग के सरकारी कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 9037 में से 4727 पद खाली हैं। इनमें से करीब 3379 पदों पर भर्ती के लिए विभाग की डिमांड पर मप्र लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने ऑनलाइन परीक्षा आयोजित कर लगभग 2719 उम्मीदवारों का चयन किया। यह उम्मीदवार पिछले 15 महीनों से नियुक्ति के लिए संघर्ष कर रहे हैं