कोरोनावायरस (Coronavirus) को लेकर UK में महामारीविदों द्वारा किए गए एक अध्ययन के मुताबिक, कोरोनावायरस (COVID-19) के प्रकोप को तेज़ी से रोकने और दबाने के स्थान पर इसे धीमा करने और थामने की कोशिश की वजह से UK के अस्पतालों में बिस्तर कम पड़ जाएंगे, और लगभग UK में लगभग 2,50,000 और अमेरिका में 10 लाख से ज़्यादा मौतें हो सकती हैं.
खबरों के मुताबिक, पीयर-रिव्यूड जर्नल में प्रकाशित नहीं किए गए अध्ययन को सोमवार को लंदन के इम्पीरियल कॉलेज की कोविड-19 रेस्पॉन्स टीम ने जारी किया, जिसमें UK सरकार को इस महामारी से निपटने के लिए रणनीति भी सुझाई गई है. UK के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार सर पैट्रिक वॉलेन्स ने मंगलवार को पुष्टि की कि इम्पीरियल कॉलेज द्वारा किया गया अध्ययन उन दस्तावेज़ों में शामिल है, जिनका UK सरकार अध्ययन कर रही है.
वैसे, UK और अमेरिका में कई तरह के कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि कोरोनावायरस के फैलाव को रोका जा सके. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 15-दिवसीय योजना की घोषणा की, ताकि नए संक्रमण के मामलों को रोका जा सके. इस योजना के तहत घर पर रहने की कड़ी सलाह और 10 या अधिक लोगों के एक साथ जमा होने से बचने का सुझाव भी शामिल था.
डब्ल्यूएचओ की दक्षिण-पूर्वी एशिया की क्षेत्रीय निदेशक डॉक्टर पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा, 'हालात बहुत तेजी से बदल रहे हैं. हमें वायरस को और अधिक लोगों को संक्रमित करने से रोकने के लिए प्रयास तेज करने की जरूरत है.'
दक्षिण पूर्वी एशिया के डब्ल्यूएचओ के 11 सदस्य देशों में से आठ देशों में कोरोना वायरस के मामले सामने आ चुके हैं. इनमें थाइलैंड में सबसे अधिक 177, भारत में 137, इंडोनेशिया में 134, श्रीलंका में 19, मालदीव में 13, बांग्लादेश में पांच, नेपाल और भूटान में एक-एक मामला सामने आया है